Wednesday, 28 August 2013

मैं शराबी क्यूं बना



कोई सहारा नहीं दुआ के सिवा,
कोई सुनता नीं खुदा के सिवा,
मैने भी जिन्दगी को करीब से देखा है,
मुश्किलों में कोई साथ नहीं खुदा के सिवा

Monday, 26 August 2013

शराबी शायरी दिल की





कब तक रहोगे आखिर युँ दूर-दूर हमसे,
 मिलना पडेगा आखिर इक दिन जरूर हमसे,
दामन बचाने वाले ये बेरूखी है कैसी?
 कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे,
हम छोड देगें तुमसे युँ बातचीत करना,
 तुम पुछते फिरोगे अपना कसूर हमसे,
हम छीन लेंगे तुमसे ये शान-ऐ-बेनियाजी,
 तुम माँगते फिरोगे अपना घूरूर हमसे..

शराबी  शायरी

Saturday, 10 August 2013

दर्द भरे बेवफा शायरी

दूरियाँ बढ़ाने को जब दिल मचलने लगे,
किसी और का साथ रास आने लगे,
तन्हाई में ठहर कर तलाशना मुझे,
जब भी हर ओर अँधेरा सा छाने लगे. ...